वैज्ञानिकों ने एक ऐसा ब्लड टेस्ट विकसित किया है जो प्रोस्टेट कैंसर की पहचान कर सकता है।

Signs of cancer can be found from changes in white blood cells.

दुनियाभर में हर साल लाखों लोगों की प्रोस्टेट कैंसर से मौत हो जाती है। अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसा ब्लड टेस्ट विकसित किया है जो प्रोस्टेट कैंसर की आसानी से पहचान कर सकता है। इसके अलावा कैंसर के स्टेज के बारे में 99 फीसदी सटीकता के साथ जानकारी मिल सकती है। नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं और डॉक्टरों ने इस टेस्ट को विकसित किया है। इस टेस्ट की मदद से प्रोस्टेट कैंसर की पहचान करने के लिए बायोप्सी के इस्तेमाल में कमी आएगी। 

सफेद रक्त कोशिकाओं में होता है बदलाव-
वैज्ञानिकों ने पाया कि प्रोस्टेट कैंसर के कारण प्रतिरक्षा तंत्र में होने वाले बदलावों की पहचान रक्त के जरिए की जा सकती है। सफेद रक्त कोशिकाओं में होने वाले बदलावों से कैंसर के संकेत पाए जा सकते हैं। रक्त के नमूनों का कंप्यूटर से विश्लेषण कर बीमारी के संकेतों का पता लगाकर उन्हें कम, मध्यम या उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखा जा सकता है। 

वैज्ञानिकों के अनुसार इस टेस्ट की सटीकता 99 फीसदी है। वर्तमान में मौजूद ब्लड टेस्ट में प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजेन के स्तर को देखा जाता है और जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती हैं उनको बायोप्सी के लिए भेजा जाता है। लेकिन, इस टेस्ट में गलती की गुंजाइश ज्यादा रहती है। शोधकर्ता प्रोफेसर ग्राहम पोकले ने कहा, नया टेस्ट ज्यादा सटीकता से प्रोस्टेट कैंसर की पहचान कर सकेगा और इससे उन लोगों को फायदा होगा जिनके प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजेन का स्तर थोड़ा बढ़ा हुआ आता है। 

प्रोफेसर ग्राहम पोकले  ने कहा, इस टेस्ट से सिर्फ बीमारी की पहचान ही नहीं होगी बल्कि इसके स्टेज के बारे में भी पता चल सकेगा। इससे कई मरीजों को अनावश्यक पीड़ादायक बायोप्सी की प्रक्रिया से भी बचाया जा सकेगा। इस टेस्ट की मदद से चिकित्सक आगे के इलाज की रणनीति आसानी से तय कर सकेंगे।

 

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